
भागीरथपुरा त्रासदी पर राहुल गांधी का इंदौर दौरा: पीड़ित परिवारों से मुलाकात, आर्थिक सहायता और सरकार पर तीखा हमला
राहुल सेन मांडव
मो 9669141814
इंदौर न्यूज/इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण हुई मौतों और बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने की घटना ने पूरे प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। इस गंभीर त्रासदी के बीच शनिवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इंदौर पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, बल्कि इस घटना के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए तीखा हमला भी बोला। राहुल गांधी का यह दौरा मानवीय संवेदना के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है।
एयरपोर्ट से सीधे अस्पताल पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी शनिवार सुबह करीब 11 बजे इंदौर एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। यहां से वे बिना किसी देरी के सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे, जहां दूषित पानी पीने से बीमार हुए कई मरीज भर्ती हैं। अस्पताल में राहुल गांधी ने मरीजों के वार्ड का दौरा किया और उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों से इलाज, दवाइयों और मरीजों की गंभीरता को लेकर विस्तार से चर्चा की। कई मरीजों और उनके परिजनों से बात करते हुए राहुल गांधी भावुक नजर आए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और कहा कि कांग्रेस पार्टी इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से भावुक मुलाकात
अस्पताल के बाद राहुल गांधी प्रभावित क्षेत्र भागीरथपुरा पहुंचे, जहां दूषित पानी के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिवार रहते हैं। यहां का माहौल बेहद गमगीन था। राहुल गांधी ने घर-घर जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, उनकी पीड़ा सुनी और शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान राहुल गांधी ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 1 लाख रुपये का आर्थिक सहायता चेक सौंपा। उन्होंने कहा कि यह सहायता उनके दुख को कम नहीं कर सकती, लेकिन कांग्रेस पार्टी का यह प्रयास है कि संकट की घड़ी में पीड़ित परिवार खुद को अकेला न महसूस करें। राहुल गांधी ने परिवारों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले को संसद और हर संभव मंच पर उठाएंगे।
उमंग सिंघार ने भी दी आर्थिक सहायता
इस मौके पर मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी राहुल गांधी के साथ मौजूद रहे। उन्होंने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सहायता पार्टी की ओर से मानवीय आधार पर दी जा रही है और पीड़ितों को न्याय दिलाने की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
सरकार पर सीधा हमला
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने बेहद सख्त और तीखे शब्दों में राज्य सरकार और प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा, यह पूरी घटना सरकार की घोर लापरवाही का नतीजा है। स्वच्छ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराना सरकार का बुनियादी कर्तव्य है, लेकिन इसमें सरकार पूरी तरह विफल रही है। कोई न कोई इसके लिए जिम्मेदार होगा और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं यह दिखाती हैं कि जमीनी स्तर पर प्रशासन कितना संवेदनहीन हो चुका है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
मौतों के आंकड़ों पर विवाद
इस पूरे मामले में मौतों के आंकड़ों को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि दूषित पानी के कारण अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8 से 10 मरीज अब भी वेंटिलेटर पर हैं या गंभीर स्थिति में जिंदगी से जूझ रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि प्रशासन वास्तविक आंकड़ों को छिपाने की कोशिश कर रहा है, ताकि अपनी जिम्मेदारी से बचा जा सके। वहीं प्रशासन द्वारा जारी किए गए आंकड़े इससे कम बताए जा रहे हैं, जिससे मामले पर और सवाल खड़े हो रहे हैं।
जल व्यवस्था और नगर निगम पर सवाल
भागीरथपुरा की इस घटना ने इंदौर की जल वितरण प्रणाली, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दूषित पानी की आपूर्ति कैसे हुई, इसकी समय रहते जांच क्यों नहीं की गई और बीमारी फैलने के बाद भी त्वरित कार्रवाई क्यों नहीं हुई—इन तमाम सवालों के जवाब अब तक स्पष्ट नहीं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी गंदे पानी की शिकायतें की थीं, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा यह हुआ कि मामला जानलेवा साबित हुआ।
स्थानीय मुद्दा बना राष्ट्रीय बहस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी के इस दौरे से भागीरथपुरा की घटना अब सिर्फ एक स्थानीय मामला नहीं रही, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। इससे राज्य सरकार पर जवाबदेही का दबाव बढ़ना तय है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान और तेज होने की संभावना है।
पीड़ितों को न्याय का भरोसा
दौरे के अंत में राहुल गांधी ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। भागीरथपुरा की इस त्रासदी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बुनियादी नागरिक सुविधाओं को लेकर सरकारें अपनी जिम्मेदारी निभा पा रही हैं या नहीं। अब सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई और इस मामले में जवाबदेही तय होने पर टिकी हुई हैं।